लेखक: संदीप सारण | कैटेगरी: फाइनेंस/होम लोन
पहले से होम लोन हो तो दूसरा लोन कैसे लें: eligibility, प्रक्रिया, टैक्स बेनिफिट और सावधानियाँ जानें। होम लोन कैसे मिलता है?
परिचय
जब आपके पास पहले से एक होम लोन चल रहा हो, तो कई बार दूसरी प्रॉपर्टी लेने की इच्छा होती है — लेकिन दिमाग में सवाल उठता है: पहले से होम लोन हो तो दूसरा लोन कैसे लें? क्या बैंक मंजूर करेगा, ब्याज ज्यादा लगेगा या टैक्स बेनिफिट होंगे? इस आर्टिकल में मैं आपको स्टेप-बाय-स्टेप बताऊँगा कि कैसे आप दूसरे होम लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं, क्या eligibility होती है, कौन-कौन सी सावधानियाँ हों और होम लोन कैसे लें?, home loan kaise milta hai आदि सवालों के जवाब मिलेंगे। इससे आप पूरी जानकारी लेकर सही निर्णय ले सकते हैं।
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मुख्य भाग: पहले से होम लोन हो तो दूसरा लोन कैसे लें?
1. अपनी वर्तमान वित्तीय स्थिति की समीक्षा करें
जब आप यह जानना चाहते हैं कि “पहले से होम लोन हो तो दूसरा लोन कैसे लें”, तो सबसे पहला कदम है अपनी आय, खर्च, मौजूदा EMIs और क्रेडिट स्कोर देखना। बैंक यह देखेंगे कि आपकी मासिक आय कितनी है और पहले होम लोन की EMI आपके बजट पर कितना बोझ है। यदि आपकी आय इतनी है कि दोनों लोन की EMIs संभाली जा सकती हैं, तो आवेदन संभव है।
2. क्रेडिट स्कोर और क्रेडिट हिस्ट्री मजबूत रखें
एक अच्छा CIBIL या क्रेडिट स्कोर (700 से ऊपर) होने से बैंक को यह भरोसा मिलेगा कि आप समय पर किश्त चुकाएँगे। अगर आपकी क्रेडिट हिस्ट्री साफ़ हो और पिछली EMIs लेट नहीं हों, तो बैंक “पहले से होम लोन हो तो दूसरा लोन कैसे लें” की स्थिति में भी सकारात्मक दृष्टिकोण रखेंगे।
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3. एलएलटीवी (CLTV / Combined Loan-to-Value) सीमा समझें
दूसरा लोन लेते वक्त, बैंक आमतौर पर Combined Loan-to-Value (CLTV) लिमिट देखते हैं — मतलब पहली और दूसरी लोन की कुल राशि प्रॉपर्टी मूल्य के कितने प्रतिशत हो सकती है। उदाहरण के लिए, यदि बैंक CLTV 80% तक देता है, तो यदि आपकी प्रॉपर्टी 1 करोड़ की हो, तो कुल लोन 80 लाख तक जाना चाहिए। इस सीमा को ध्यान में रखकर ही आप “पहले से होम लोन हो तो दूसरा लोन कैसे लें” पर विचार करें।
4. अधिक डाउन पेमेंट देने की व्यवस्था करें
जब पहले से होम लोन हो तो दूसरा लोन लेते वक्त बैंक अपेक्षा कर सकते हैं कि आप ज़्यादा डाउन पेमेंट करें। कभी-कभी दूसरी प्रॉपर्टी पर डाउन पेमेंट 15–20% तक मांग सकते हैं। यदि आप अधिक राशि का डाउन पेमेंट देंगे, तो बैंक जोखिम कम महसूस करेगा और आपको बेहतर दर देने की संभावना बढ़ेगी।
5. लोन अवधि (Tenure) और EMI संयोजन तय करें
दूसरा होम लोन लेते समय, आप कुल अवधि और EMI संयोजन को सावधानी से चुनें। उदाहरण के लिए, यदि पहले लोन की अवधि अभी भी लंबी है, तो दूसरी लोन की अवधि कम लेकर दोनों EMIs को संतुलित करना बेहतर हो सकता है ताकि आपकी मासिक वित्तीय दबाव बहुत अधिक न हो।
6. टैक्स बेनिफिट्स और कैपिटल गेन इंप्लिकेशन समझें
दूसरा होम लोन लेने से टैक्स बेनिफिट्स भी बदल सकते हैं। उदाहरण के लिए, अगर दोनों प्रॉपर्टी self-occupied हों, तो interest deduction ₹2 लाख तक की योग्यता बनती है — लेकिन यह दोनों पर एक साथ लागू होती है। (PNB Housing)
अगर कोई प्रॉपर्टी “let out” (किराए पर) है, तो उस पर interest deduction की सीमा नहीं होती। (Angel One)
इन नियमों को ध्यान में रखते हुए ही “पहले से होम लोन हो तो दूसरा लोन कैसे लें” में टैक्स प्लान करना चाहिए।
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7. बैंक चुनते समय फायदे-नुकसान देखें
कई बार आपका पहला लोन जिस बैंक से है, वही बैंक दूसरी लोन देने में आसान हो सकता है क्योंकि उनकी internal data है। लेकिन कई अन्य बैंक बेहतर दर और ऑफर दे सकते हैं। “पहले से होम लोन हो तो दूसरा लोन कैसे लें” में बैंक तुलना बहुत महत्वपूर्ण है — ब्याज दर, processing fee और लचीले terms देखें।
8. जरूरी डॉक्यूमेंट्स तैयार रखें
दूसरा होम लोन आवेदन करते समय आपको पहले जैसा ही दस्तावेज़ देना होगा — identity proof, address proof, income proof, बैंक statements, TDS प्रमाण, पहले होम लोन का बयान आदि। यदि आप co-applicant या guarantor जोड़ते हैं तो उनकी डॉक्यूमेंट्स भी चाहिए होंगी।
9. बैंक की वैल्यूएशन और प्रॉपर्टी एप्रेजल
जब आप आवेदन करते हैं, बैंक आपकी नई प्रॉपर्टी की वैल्यूएशन करेगा। यह बहुत जरूरी है क्योंकि लोन राशि उसी आधार पर तय होगी। यदि बैंक ने प्रॉपर्टी कम कीमत आँकी तो आपकी मांग कम हो सकती है। इसलिए अच्छी लोकेशन और उचित दस्तावेज़ होना लाभदायक है।
10. सुरक्षा और समझदारी से निर्णय लें
“पहले से होम लोन हो तो दूसरा लोन कैसे लें” प्रक्रिया में जल्दबाजी न करें। ब्याज दर, संभावित financial stress और भविष्य की बदलती स्थिति (job change, शादी, बच्चे आदि) को ध्यान में रखें। लंबी अवधि की जिम्मेदारी है, इसलिए सलाहकार से सलाह भी लें।
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अतिरिक्त टिप्स
- अगर संभव हो, co-applicant जोड़ें जिससे योग आय बढ़े।
- EMI साइट या बैंक की ऑनलाइन eligibility calculator प्रयोग करें।
- पहले लोन की prepayment या partial payment करके बकाया कम करें, ताकि दूसरी लोन की burden कम हो।
निष्कर्ष
अगर आपके पास पहले से होम लोन है और आप सोच रहे हैं कि पहले से होम लोन हो तो दूसरा लोन कैसे लें, तो यह राह पूरी तरह बंद नहीं है। सही योजना, अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री, सही बैंक चुनना और टैक्स नियोजन — ये सभी मिलकर आपको सफलता दिला सकते हैं। ध्यान दें कि आपकी वित्तीय स्थिति सबसे अहम भूमिका निभाती है। सोच-समझकर और सही सलाह लेकर कदम उठाएँ, तो दूसरा होम लोन भी आपका सपना साकार कर सकता है।
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FAQs (Frequently Asked Questions)
1. क्या मैं दो होम लोन पर टैक्स छूट ले सकता हूँ?
हाँ, सेक्शन 80C (principal) व सेक्शन 24(b) (interest) के अंतर्गत छूट मिल सकती है, लेकिन self-occupied प्रॉपर्टी पर interest deduction की कुल सीमा ₹2 लाख होती है। (PNB Housing)
2. अगर मेरी पहली होम लोन की EMI लेट हो गई हो, क्या मुझे दूसरा लोन मिलेगा?
लेट रिकॉर्ड आपकी क्रेडिट हिस्ट्री को नुकसान पहुंचाएगा, और बैंक दूसरा लोन मना कर सकते हैं या ब्याज दर बढ़ा सकते हैं।
3. क्या तीसरी प्रॉपर्टी पर लोन लेना आसान है?
तीसरी प्रॉपर्टी पर बैंक इसे कम घर माना जाता है और ब्याज दर ज़्यादा हो सकती है क्योंकि RBI के नियमों के अनुसार तीसरी प्रॉपर्टी को commercial property की तरह माना जा सकता है। (Reddit)
4. होम लोन कैसे मिलता है यदि मैं self-employed हूँ?
आपको पिछले 2–3 साल की आयकर रिटर्न, बैंक स्टेटमेंट और व्यवसाय दस्तावेज जमा करने होंगे। यदि income verification क्लियर हो, तो बैंक स्वीकार करते हैं।
5. क्या मुझे तुरंत दूसरी प्रॉपर्टी पर लोन लेना चाहिए?
नहीं, पहले अपनी वित्तीय मजबूती, बैंक ऑफर और मार्केट ब्याज दरें जांच लें। हड़बड़ी में निर्णय लेने से समस्या हो सकती है।
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