लेखक: संदीप सारण | कैटेगरी: फाइनेंस/होम लोन
होम लोन का टैक्स बेनिफिट कैसे क्लेम करें? सेक्शन 24(b), 80C, 80EE के नियम, ITR प्रोसेस और आसान उदाहरण हिंदी में जानिए।
परिचय (Introduction)
घर खरीदने का सपना तो हर किसी का होता है, लेकिन जब होम लोन की EMI हर महीने अकाउंट से कटती है, तब टैक्स बचाने की सही जानकारी होना बहुत जरूरी हो जाता है। अक्सर लोग EMI तो भर देते हैं, लेकिन उन्हें यह ठीक से पता नहीं होता कि होम लोन का टैक्स बेनिफिट कैसे क्लेम करें?
इस आर्टिकल में हम बिल्कुल आसान, बोलचाल की भाषा में समझेंगे कि पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) में होम लोन पर टैक्स छूट कैसे मिलती है, कौन-से सेक्शन में कितना फायदा होता है, ITR भरते समय क्या-क्या ध्यान रखना चाहिए और किन गलतियों से बचना जरूरी है।
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⚠ यह कैलकुलेटर केवल Old Tax Regime के लिए है। Actual tax saving आपकी पूरी income पर निर्भर करती है।
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🔍 Quick Guide: होम लोन टैक्स बेनिफिट एक नज़र में
अगर आपके पास समय कम है, तो पहले यह शॉर्ट गाइड पढ़ लें 👇
- ✔ Section 24(b): ब्याज पर ₹2 लाख तक की छूट (Self-Occupied House)
- ✔ Section 80C: प्रिंसिपल पर ₹1.5 लाख तक की छूट
- ✔ Section 80EE: पहली बार घर खरीदने वालों को ₹50,000 अतिरिक्त छूट
- ✔ Old Tax Regime जरूरी, New Regime में ये बेनिफिट नहीं मिलते
- ✔ बैंक से Interest Certificate लेना अनिवार्य
- ✔ ITR-1 या ITR-2 में सही सेक्शन में डिटेल भरनी होती है
अब अगर डिटेल में समझना है, तो आगे पढ़िए 👇
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मुख्य भाग (Main Content)
1. होम लोन पर टैक्स बेनिफिट आखिर होता क्या है? 🏠
होम लोन पर टैक्स बेनिफिट का मतलब है कि सरकार आपको घर खरीदने के लिए प्रोत्साहित करने के तौर पर आपकी टैक्सेबल इनकम कम करने का मौका देती है। यह फायदा दो हिस्सों में मिलता है — एक लोन के ब्याज (Interest) पर और दूसरा मूलधन (Principal) पर।
अगर सही तरीके से क्लेम किया जाए, तो होम लोन सिर्फ खर्च नहीं रहता बल्कि टैक्स सेविंग का मजबूत टूल बन जाता है। इसलिए सबसे पहला सवाल यही बनता है कि होम लोन का टैक्स बेनिफिट कैसे क्लेम करें?
2. Section 24(b): ब्याज पर ₹2 लाख तक की छूट कैसे मिलती है? 💸
पुरानी टैक्स व्यवस्था में Section 24(b) के तहत Self-Occupied घर के लिए होम लोन के ब्याज पर अधिकतम ₹2 लाख तक की टैक्स कटौती मिलती है। इसका मतलब यह है कि अगर आपने साल भर में ₹2 लाख या उससे ज्यादा ब्याज दिया है, तो उतनी राशि आपकी टैक्सेबल इनकम से घट जाती है।
यह बेनिफिट ITR फाइल करते समय “Income from House Property” सेक्शन में दिखाया जाता है, इसलिए सही जगह सही आंकड़ा भरना बेहद जरूरी होता है।
3. Section 80C: प्रिंसिपल पर ₹1.5 लाख की बचत 📉
होम लोन का प्रिंसिपल अमाउंट Section 80C के तहत क्लेम किया जाता है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹1.5 लाख है। ध्यान रखने वाली बात यह है कि 80C की लिमिट में PF, LIC, ELSS जैसे दूसरे निवेश भी शामिल होते हैं।
अगर आपने साल में ₹1.2 लाख प्रिंसिपल चुकाया है और बाकी 80C निवेश नहीं हैं, तो पूरा अमाउंट क्लेम किया जा सकता है। यहीं से बहुत से लोगों की टैक्स प्लानिंग बिगड़ती या सुधरती है।
4. First Time Buyers के लिए Section 80EE का फायदा 🎯
अगर आप पहली बार घर खरीद रहे हैं, तो सरकार आपको अतिरिक्त राहत देती है। Section 80EE के तहत ₹50,000 तक की अतिरिक्त ब्याज छूट मिल सकती है, बशर्ते लोन ₹35 लाख से कम हो और प्रॉपर्टी की कीमत ₹50 लाख से कम हो।
यह छूट Section 24(b) के अलावा मिलती है, यानी टैक्स सेविंग और बढ़ जाती है। यही कारण है कि होम लोन लेते समय शुरुआत में सही जानकारी होना बहुत जरूरी है।
5. होम लोन टैक्स बेनिफिट क्लेम करने के लिए जरूरी दस्तावेज़ 📄
टैक्स बेनिफिट क्लेम करने के लिए सबसे अहम डॉक्यूमेंट होता है बैंक द्वारा जारी किया गया Interest Certificate। इसमें पूरे वित्तीय वर्ष का ब्याज और प्रिंसिपल ब्रेक-अप साफ-साफ लिखा होता है।
इसके अलावा Loan Statement, Sale Deed और Possession Certificate भी संभाल कर रखना चाहिए। सैलरी क्लास लोगों को यह डॉक्यूमेंट अपने HR या अकाउंट्स डिपार्टमेंट में देना होता है।
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6. ITR में होम लोन का टैक्स बेनिफिट कैसे भरें? 🧾
ITR फाइल करते समय ब्याज की जानकारी “Income from House Property” सेक्शन में जाती है, जबकि प्रिंसिपल की डिटेल “Deductions – Section 80C” में भरी जाती है।
अगर आपकी इनकम सैलरी और एक घर तक सीमित है, तो आमतौर पर ITR-1 पर्याप्त होता है। अन्य मामलों में ITR-2 फाइल करना पड़ सकता है। यहां छोटी सी गलती भी नोटिस का कारण बन सकती है।
7. जॉइंट होम लोन में टैक्स बेनिफिट कैसे बंटता है? 👨👩👧
अगर पति-पत्नी ने जॉइंट होम लोन लिया है और दोनों प्रॉपर्टी के को-ओनर हैं, तो दोनों अपने-अपने हिस्से के अनुसार टैक्स बेनिफिट क्लेम कर सकते हैं।
इससे परिवार की कुल टैक्स सेविंग काफी बढ़ जाती है। हालांकि, दोनों की इनकम होना और EMI पेमेंट में योगदान दिखाना जरूरी होता है।
8. अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी पर टैक्स बेनिफिट 🏗️
अगर घर अभी बन रहा है, तो तुरंत ब्याज पर छूट नहीं मिलती। लेकिन निर्माण पूरा होने के बाद, कंस्ट्रक्शन पीरियड का ब्याज 5 बराबर किश्तों में क्लेम किया जा सकता है।
यह जानकारी बहुत कम लोग जानते हैं, जबकि यहां से बड़ी टैक्स सेविंग निकल सकती है।
9. New Tax Regime में क्यों नहीं मिलता होम लोन का फायदा? ❌
नई टैक्स व्यवस्था में ज्यादातर डिडक्शन हटा दी गई हैं, जिनमें Section 80C और 24(b) भी शामिल हैं। इसलिए अगर आपने New Regime चुनी है, तो होम लोन का टैक्स बेनिफिट कैसे क्लेम करें? — इसका जवाब होगा कि आप नहीं कर सकते।
इसलिए टैक्स रिजीम चुनने से पहले कंपैरिजन करना बेहद जरूरी है।
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निष्कर्ष (Conclusion)
अगर आप पुरानी टैक्स व्यवस्था में हैं और सही डॉक्यूमेंट व प्रोसेस अपनाते हैं, तो होम लोन का टैक्स बेनिफिट कैसे क्लेम करें? यह कोई मुश्किल काम नहीं है। Section 24(b), 80C और 80EE को सही तरीके से इस्तेमाल करके आप हर साल बड़ी टैक्स बचत कर सकते हैं।
घर सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि समझदारी से लिया गया फाइनेंशियल फैसला बन सकता है — बस जानकारी सही होनी चाहिए।
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