जानिए किचन में सिंक किधर होना चाहिए और किस दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। वास्तु और प्रैक्टिकल टिप्स के साथ सिंक प्लेसमेंट गाइड।
कैटेगरी: किचन/किचन वास्तु
लेखक: प्रदीप सारण
परिचय
अक्सर लोग किचन बनवाते समय स्टोव और कैबिनेट्स पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन सिंक की जगह को नजरअंदाज कर देते हैं। नतीजा यह होता है कि बाद में पानी की दिक्कत, गंदगी और वास्तु संबंधी परेशानियाँ सामने आती हैं। तो सवाल उठता है – किचन में सिंक किधर होना चाहिए?
इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि किचन में सिंक किस दिशा में होना चाहिए, क्या वास्तु शास्त्र कहता है, और प्रैक्टिकल डिजाइन के हिसाब से इसकी सबसे अच्छी पोज़िशन कहाँ होगी।
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मुख्य भाग: Kitchen me sink kidhar hona chahiye?
1. वास्तु शास्त्र के अनुसार सही दिशा
वास्तु शास्त्र में पानी से जुड़ी जगहों के लिए उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा सबसे शुभ मानी गई है। इसलिए किचन का सिंक इसी ओर होना चाहिए। माना जाता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और आर्थिक समृद्धि बढ़ती है।
2. उत्तर दिशा क्यों बेहतर है?
उत्तर दिशा को जल तत्व का प्रतीक माना जाता है। अगर आपका सिंक इस ओर होगा, तो न केवल वास्तु के लिहाज़ से सही रहेगा, बल्कि सुबह की प्राकृतिक रोशनी भी आसानी से मिलेगी, जिससे किचन हमेशा रोशन और ताज़ा लगेगा।
3. दक्षिण-पूर्व दिशा से बचें
दक्षिण-पूर्व दिशा को अग्नि कोण कहा जाता है और यह किचन के स्टोव के लिए उपयुक्त मानी जाती है। यहाँ सिंक लगाने से पानी और आग का टकराव होता है, जिससे पारिवारिक तनाव और सेहत से जुड़ी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
4. स्टोव और सिंक में दूरी रखें
चाहे कोई भी दिशा हो, कोशिश करें कि स्टोव और सिंक एकदम पास न हों। पानी और आग का सीधा संपर्क वास्तु के अनुसार ठीक नहीं होता। कम से कम 2–3 फीट की दूरी रखना बेहतर है। उदाहरण के लिए, कई मॉडर्न किचन में सिंक एक ओर और कुकिंग ज़ोन दूसरी ओर डिजाइन किए जाते हैं।
5. खिड़की के पास सिंक लगाना सुविधाजनक है
अगर सिंक खिड़की के पास होगा तो बर्तन धोते वक्त वेंटिलेशन अच्छा रहेगा। साथ ही, दिन की रोशनी सीधे सिंक पर पड़ेगी, जिससे गंध और बैक्टीरिया की समस्या कम होगी। यह एक प्रैक्टिकल और हेल्दी विकल्प है।
6. पानी की निकासी का सही इंतज़ाम करें
सिंक चाहे जिस दिशा में हो, पानी की निकासी हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा में होनी चाहिए। अगर पानी पश्चिम या दक्षिण की ओर जाएगा तो घर में नेगेटिविटी और बीमारियों की संभावना बढ़ सकती है।
7. मॉड्यूलर किचन में कॉर्नर सिंक का ट्रेंड
आजकल मॉड्यूलर किचन में लोग कॉर्नर सिंक भी लगाते हैं। यह स्पेस बचाने और किचन को मॉडर्न लुक देने के लिए अच्छा विकल्प है। हालांकि, इसका वास्तु मिलान भी ज़रूरी है, वरना डिज़ाइन अच्छा होने के बावजूद समस्याएँ आ सकती हैं।
8. डबल सिंक का फायदा
अगर आपका किचन बड़ा है तो डबल सिंक लगाना बेहतर रहता है। एक सिंक बर्तन धोने के लिए और दूसरा सब्ज़ी या फल धोने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे समय बचता है और हाइजीन भी बनी रहती है।
9. छोटे किचन में सिंक कहाँ लगाएँ?
छोटे किचन में सिंक और स्टोव को एक ही काउंटर पर रखा जाता है। ऐसे में कोशिश करें कि सिंक उत्तर-पूर्व कोने में हो। अगर यह संभव न हो, तो कम से कम बीच में जगह छोड़कर लगाएँ ताकि टकराव न हो।
10. सिंक की ऊँचाई और साइज़
सिंक की ऊँचाई किचन काउंटर के हिसाब से होनी चाहिए, यानी आमतौर पर 34–36 इंच। साइज़ इतना बड़ा होना चाहिए कि बड़े बर्तन भी आसानी से धोए जा सकें। सही साइज़ और ऊँचाई से काम करने में सुविधा रहती है और पीठ दर्द जैसी समस्याएँ नहीं होतीं।
अतिरिक्त टिप्स
- सिंक के पास हमेशा डिश-रैक रखें ताकि पानी टपके नहीं 🚰
- हर हफ्ते सिंक और पाइपलाइन को साफ़ करें ताकि बदबू न आए।
- स्टील सिंक चुनें, यह टिकाऊ और साफ करने में आसान होता है।
निष्कर्ष
किचन का सिंक सही दिशा और सही जगह पर लगाना बेहद ज़रूरी है। किचन में सिंक किधर होना चाहिए? इसका सबसे अच्छा जवाब है – उत्तर-पूर्व दिशा। लेकिन साथ ही, प्रैक्टिकल बातों जैसे वेंटिलेशन, दूरी और पानी की निकासी पर भी ध्यान देना ज़रूरी है। याद रखें, एक सही तरीके से डिज़ाइन किया गया किचन न सिर्फ काम आसान करता है, बल्कि घर में पॉज़िटिविटी भी बढ़ाता है।
FAQs
1. क्या किचन का सिंक दक्षिण दिशा में हो सकता है?
नहीं, दक्षिण दिशा वास्तु के अनुसार शुभ नहीं मानी जाती। कोशिश करें कि सिंक उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में हो।
2. किचन में सिंक और गैस चूल्हा एक साथ रखना ठीक है क्या?
नहीं, पानी और आग का मेल वास्तु के अनुसार अशुभ है। इनके बीच दूरी होना चाहिए।
3. क्या सिंक को खिड़की के नीचे लगाना सही है?
हाँ, खिड़की के नीचे सिंक लगाने से रोशनी और वेंटिलेशन अच्छा मिलता है।
4. डबल सिंक लगाने का फायदा क्या है?
डबल सिंक समय बचाता है और हाइजीन बनाए रखता है, खासकर बड़े परिवारों में।
5. सिंक की निकासी किस दिशा में होनी चाहिए?
पानी की निकासी हमेशा उत्तर या पूर्व दिशा की ओर होनी चाहिए।