क्रिएटर: ( Unique Farming )
कैटेगरी: Garden / Terrace Garden
इस वीडियो में आप देखेंगे कैसे राम विलास जी ने केवल 8 गमलों से शुरुआत करके अपनी छत पर 8000+ गमलों का गार्डन बना डाला। यहाँ फूल, फल, सब्ज़ियाँ और औषधीय पौधे इतने अधिक हैं कि लोग इसे “क्रिकेट स्टेडियम” समझ बैठते हैं।
📌 वीडियो की कहानी
वीडियो में राम विलास जी अपनी प्रेरणादायक बागवानी की यात्रा बताते हैं। उन्होंने स्कूल और कंस्ट्रक्शन की नौकरी छोड़कर अपने पैशन को चुना और आज उनकी छत पर 8000 से ज्यादा गमले हैं। इस गार्डन में आम, अमरूद, अनार, ड्रैगन फ्रूट से लेकर दुर्लभ पौधे तक सब मौजूद हैं। खास बात यह है कि उन्होंने 25 लाख से ज्यादा लोगों को गार्डनिंग ट्रेनिंग भी दी है।
🔹 मुख्य पॉइंट्स और विस्तार
1. 8 गमलों से 8000 गमलों का सफर
राम विलास जी की शुरुआत सिर्फ 8 गमलों से हुई थी। किराए के मकान में जगह की कमी और धूप न मिलने की वजह से उन्होंने छत पर गमले रखने का फैसला किया। समय के साथ यह शौक बढ़ता गया और आज उनके पास हजारों गमले हैं। यह कहानी दिखाती है कि जुनून से किया गया काम किसी भी स्तर तक पहुँच सकता है।
2. नौकरी छोड़कर बागवानी को बनाया करियर
जहाँ ज़्यादातर लोग नौकरी और शौक को साथ-साथ संतुलित करते हैं, वहीं राम विलास जी ने बागवानी को इतना गंभीरता से लिया कि उन्होंने नौकरी छोड़ दी। शुरू में घरवाले विरोध में थे, लेकिन उनकी पत्नी और कुछ दोस्तों ने उनका साथ दिया। यही सपोर्ट उनकी सफलता की नींव बना।
3. छत पर बना मिनी स्टेडियम जैसा गार्डन
उनकी छत पर इतना हरियाली और फूलों की भरमार है कि लोग इसे “स्टेडियम” कहकर बुलाते हैं। यहाँ औषधीय पौधों से लेकर सब्ज़ियाँ और रंग-बिरंगे फूल तक सब कुछ है। हर कोने में गमलों की कतार और पौधों की विविधता देखकर कोई भी दंग रह जाए।
4. दुर्लभ और विदेशी फल पौधों की खेती
राम विलास जी ने छत पर आम, अमरूद, चीकू, ड्रैगन फ्रूट, मौसंबी, अनार, सेब और यहाँ तक कि मियाजाकी मैंगो (जिसे खाने के लिए लोग लोन तक लेते हैं) तक उगाए हैं। खास बात यह है कि ये सभी पौधे छोटे गमलों में भी भरपूर फल दे रहे हैं।
5. विशाल चुकंदर और बारहमासी पौधे
वीडियो में एक 10 किलो का चुकंदर भी दिखाया गया है, जो ऑर्गेनिक खाद की ताकत का सबूत है। इसके अलावा, केले और बारहमासी फलदार पौधे लगातार फल देते रहते हैं। यह देखकर यकीन करना मुश्किल होता है कि इतने बड़े फल एक छत के गार्डन में उगाए जा सकते हैं।
6. ऑर्गेनिक खाद का महत्व
राम विलास जी बताते हैं कि मार्केट में मिलने वाला वर्मी कंपोस्ट असली समाधान नहीं है। असली ऑर्गेनिक खाद पेड़ों के पत्तों को डीकंपोज करके तैयार होती है। यह खाद पौधों को मजबूत बनाती है और गर्मी में भी उन्हें हरा-भरा रखती है। उनकी छत पर 50 डिग्री तापमान में भी पौधे फल-फूल रहे हैं, इसका कारण यही नेचुरल खाद है।
7. सही समय पर पौधारोपण
वे बताते हैं कि जुलाई, अगस्त और सितंबर बागवानी के लिए “अमृतवेला” माने जाते हैं। इस समय पौधे जल्दी रूट पकड़ लेते हैं और बेहतर ग्रोथ करते हैं। फूलों के लिए गुलदाउदी और क्रिसेंथेमम लगाने का यह सबसे अच्छा मौसम है।
8. 25 लाख से ज्यादा लोगों को ट्रेनिंग
राम विलास जी ने केवल अपनी छत तक सीमित नहीं रहे बल्कि उन्होंने अपने अनुभव से लाखों लोगों को गार्डनिंग सिखाई। यह बात उन्हें दूसरों से अलग बनाती है क्योंकि उन्होंने अपने पैशन को समाज की सेवा में भी बदला है।
💡 वीडियो का हाईलाइट
इस वीडियो की सबसे खास बात यह है कि इसमें बागवानी केवल एक शौक नहीं बल्कि जीवनशैली के रूप में दिखाई गई है। 8 गमलों से 8000 गमलों का सफर और उसमें इतना विविधता होना वाकई प्रेरणादायक है।
🎯 मेरी राय
यह वीडियो देखकर मुझे लगा कि अगर सही नीयत और जुनून हो तो छोटी-सी जगह पर भी ग्रीनरी और नेचर का स्वर्ग बसाया जा सकता है। मुझे सबसे ज्यादा अच्छा लगा कि उन्होंने केमिकल खाद को छोड़कर प्राकृतिक खाद पर जोर दिया।
प्लस पॉइंट्स:
- छोटे गमलों में भी बड़े-बड़े फल उगाने के आइडियाज।
- ऑर्गेनिक खाद बनाने का सही तरीका।
- लाखों लोगों को ट्रेनिंग देने का अनुभव साझा किया।
माइनस पॉइंट्स:
- अगर वीडियो में और ज्यादा क्लोज़-अप विजुअल्स होते तो और बेहतर समझ आता।
⭐ ओवरऑल रेटिंग
4.8 / 5 – यह वीडियो हर उस इंसान के लिए जरूरी है जो बागवानी को सिर्फ शौक नहीं बल्कि अपनी लाइफस्टाइल बनाना चाहता है।
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शुरुआती और बेसिक गार्डनिंग के लिए (For Basic Gardening)
- प्लास्टिक गमलों का सेट: शुरुआत करने के लिए आप छोटे, हल्के और टिकाऊ गमलों का सेट ले सकते हैं।
- हार्डवेयर टूल सेट: मिट्टी खोदने, पौधों को लगाने और उनकी देखभाल के लिए।
- वॉटरिंग कैन: शुरुआती स्तर पर पौधों को पानी देने के लिए एक जरूरी टूल।
ऑर्गेनिक खेती के लिए (For Organic Farming)
- वर्मीकम्पोस्ट खाद: राम विलास जी ने नेचुरल खाद पर जोर दिया है, इसलिए आप अच्छी क्वालिटी का वर्मीकम्पोस्ट ले सकते हैं।
- ऑर्गेनिक लिक्विड प्लांट फूड: यह ऑर्गेनिक पोषण देने के लिए है, खासकर फलदार पौधों के लिए।
- नेम ऑयल स्प्रे: यह प्राकृतिक रूप से पौधों को कीटाणुओं और फंगस से बचाता है।
फल और फूलों के पौधों के लिए (For Fruits & Flowers)
- दुर्लभ फलदार पौधों के बीज का सेट: अपनी छत पर अलग-अलग तरह के फल और सब्जियां उगाने के लिए।
- गुलदाउदी और क्रिसेंथेमम के पौधे: ये फूल सर्दियों में आपके गार्डन में रंग भर देंगे।
अन्य उपयोगी सामान (Other Useful Items)
- प्लांट ट्रेलिस/सपोर्ट: बेलों और फलदार पौधों को सहारा देने के लिए।
- फाइबर पॉट/ग्रो बैग: हल्के होने के कारण ये बड़ी संख्या में छत पर रखे जा सकते हैं।
📢 निष्कर्ष
राम विलास जी की कहानी हमें सिखाती है कि बागवानी केवल पौधे लगाने का नाम नहीं, बल्कि एक सकारात्मक जीवन जीने का तरीका है। सही समय, सही पौधे और सही खाद से आप भी अपनी छत या बालकनी को हरे-भरे गार्डन में बदल सकते हैं।
👉 अगर आप बागवानी सीखना चाहते हैं तो यह वीडियो जरूर देखें।
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